प्रश्न मुँह बाए खडे हैं ,
उत्तरों की भीड़ में ,
प्रश्नकर्ता खो गया है ,
इस अधेरे नीड़ में |
प्रश्न स्थिर है यथावत,
उत्तरों में द्वन्द है ,
उत्तरों के द्वन्द में ही ,
नव प्रश्न का आरम्भ है |
फिर वही क्रमबद्धता ,
फिर पुरानी श्रृंखला ,
इसी जड़ क्रमबद्धता में,
प्रश्न है उलझा पड़ा |
हो गए उत्तर पुराने,
नव उत्तरों की खोज है,
और प्रश्नों का वजन,
इस जिन्दगी पर बोझ है |
उत्तरों की भीड़ में ,
प्रश्नकर्ता खो गया है ,
इस अधेरे नीड़ में |
प्रश्न स्थिर है यथावत,
उत्तरों में द्वन्द है ,
उत्तरों के द्वन्द में ही ,
नव प्रश्न का आरम्भ है |
फिर वही क्रमबद्धता ,
फिर पुरानी श्रृंखला ,
इसी जड़ क्रमबद्धता में,
प्रश्न है उलझा पड़ा |
हो गए उत्तर पुराने,
नव उत्तरों की खोज है,
और प्रश्नों का वजन,
इस जिन्दगी पर बोझ है |